भारत (INDIA) में कुल कितनी भाषाएं बोली जाती हैं?

क्या आप को पता हैं कि, भारत में कितनी भाषाएं बोली जाती है। अगर नही पता है तो यह आर्टीकल को पढ़ते रहिए, क्यों कि यहां हम ने आपको बताया है कि "India mei kitni languages (bhasha) boli jaati hei"

India मैं विभिन्न ज्ञाति, धार्म और संप्रदाय के लोग एक साथ मिल कर रहते है। इसे कारण भारत में "विविधता में एकता" भी देखी जा सकती है। लेकिन जहां तक भाषाओं की बात है तो यहां काफी अलग अलग भाषाए बोली जाती है। जो इन सभी प्रकार को लोगों को अपनी एक अलग पहचान भी देती है, और तुरंत से पहचाना भी जा सकता हैं।

आखिरी जन गणना के रिपोर्ट के विश्लेषण के अनुसार देखा जाए तो, India मैं लगभग 19,500 जितनी भाषाएँ बोली जाती है। सुन ने मैं कुछ अजीब लगता है पर कुछ अंश तक यह एक दम सही भी है। क्यों कि हर जिले, प्रदेश, सम्प्रदाय, समुह के लोगों की एक अलग प्रसिद्ध भाषा है। यह बात हम ने आप को एक उदाहरण दे कर समजाया है, जिससे आप आसानी से हमारी बात को समझ पायेंगे।

जैसे आप देखेंगे कि, पश्चिम भारत में ज़्यादातर गुजराती, राजस्थानी और पंजाबी language बोली जाती है। दक्षिण मैं सब से ज़्यादा तमिल, तेलुगु और कन्नड़ बोली जाती है।

भारत में बोली जाने वाली मुख्य भाषाए

यह पक्का बताना तो मुश्किल है, कि भारत में total कितनी भाषाए बोली जाती है। क्यों कि भारत एक बोहोत ही बड़ा देश है जहां अलग अलग संप्रदाय और समुह के लोग रहते है, जो अलग अलग भाषाए बोलते है। जैसा कि हम ने आपको आगे बात या।

इतनी भाषाओं के चलते, भारतिय संविधान ने 22 भाषाओं को मान्य किया है। यह 22 भाषाए सब से अधिक बोली जाने वाली और समझी जाने वाली भाषाए है। जिसके रहते किसी भी नागरिक को समझने और बोलने में किसी भी प्रकार की मुश्किल ना आ सके।

भारतीय केंद्र सरकार की मुख्य भाषा हिन्दी और इंगलिश है। आपने बोहोत से सरकारी कागज़ देखे भी होंगे जो हिन्दी और इंग्लिश में ही होंगे।

राज्य सरकार की अपनी अपनी अलग language हो सकती है। जैसे गुजरात में आपको मुख्यरूप से गुजरती भाषा देखने को मिलेगी, वहीं दक्षिण में आपको तेलुगु और कन्नड़ जैसी भाषा देखने को मिलेगी। राज्य सरकार का यह भाषाओं का उपयोग करने का मूल उद्देश्य यही है कि, वहां के नागरिकों को सरकार की किसी भी प्रकार की सूचना या संविधान को समझने में परेशानी ना रहे और वे सरलता से सरकार को समझ सके।


India मैं कितनी भाषाए बोली जाती है?

वैसे तो भारत में 19,500 languages बोली जाती है, लेकिन  India मैं कुल 22 भाषाए है, जो सब से अधिक बोली और समझी जाती है। और यही 22 भाषाओं को भारतीय संविधान ने संविधानिक रूप से मान्य भी किया है। यह रहे वो 22 languages:

  1. हिंदी
  2. बंगाली
  3. असमिया
  4. बोडो
  5. डोंगरी
  6. गुजराती
  7. तमिल
  8. तेलुगु
  9. उर्दू
  10. सिंधी
  11. संथाली
  12. संस्कृत
  13. पंजाबी
  14. ओरिया
  15. नेपाली
  16. मराठी
  17. मणिपुरी
  18. मलयालम
  19. मैथिली
  20. कश्मीरी
  21. कन्नडा
  22. कोकड़ी

देश का 90℅ से भी ज़्यादा हिस्सा इन्ही 22 मैं से कुछ भाषा बोलता है और समझता है। और यही वजह है कि इन भाषाओं को देश के संविधान में शामिल किया गया है।

अभी आप जान ही गये होंगे कि India में सब से ज़्यादा बोली जाने वाली भाषा कौनसी है, और उसकी वजह भी। तो अभी हम आपको इससे जुड़ी कुछ और जानकारी देंगे। जो आपको काम भीना सकती है।


गुजरात में बोली जाने वाली भाषाए:

गुजरात में मुख्यरूप से गुजराती भाषा ही बोली जाती है। गुजराती एक इंडो आर्यन (Indo Aaryan) भाषा है जो संस्कृत से निकली है। और आपको बता दें कि गुजराती 26वी सब से अधिक बोली जाने वाली भाषा हैं।

गुजरात के आस पास राजस्थान, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश की सिमा रेखा है। जिसकी वजह से गुजरात मैं गुजराती के साथ साथ हिंदी, मारवाड़ी, मराठी, सिंधी और उर्दू भी बोली जाती है।

(गुजरात के कच्छ मैं लोगों की मातृभाषा कच्छी है)

बिहार में बोली जाने वाली भाषाए:

बिहार में सब से ज़्यादा मैथिली और भोजपुरी भाषा बोली जाती है। साथ ही माघी(Maghi) भी काफी चलित भाषा है।


Kerala में बोली जाने वाली भाषाए:

Kerala की ऑफिशियल भाषा मलयालम है। मलयालम द्रविड़ियन समूह की भाषा है। 90% लोग वहां मलयालम ही बोलते है, लेकिन साथ मैं इंग्लिश और तमिल भाषा बोलने वाले लोग भी केरल में देखने को मिलते है।


तो आज हम ने यह जान के "How many languages are spoken in India" और साथ मैं यह भी जाना के Gujarat, Kerala और Bihar मैं कौनसी भाषाएँ बोली जाती है।

हम आशा करते है कि आपको हमारा "India मैं कितनी भाषाए बोली जाती है" आर्टीकल अच्छा लगा होगा। अगर आपको कुछ भी गलती या परेशानी हो, तो आप हम से Contact Form से सीधा संपर्क कर सकते है।

टिप्पणी पोस्ट करें

0 टिप्पणियां